मैक विंडोज से बहुत बेहतर है फिर भी वो मार्केटप्लेस में विंडोज को क्यों नहीं पछाड़ पा रहा?how is the best mack or windows?

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मैक विंडोज से बहुत बेहतर है फिर भी वो मार्केटप्लेस में विंडोज को क्यों नहीं पछाड़ पा रहा?how is the best mack or windows?

कारण बिल्कुल साफ है, एंड्राएड ओएस मुफ्त ओपनसोर्स साफ्टवेयर है जो कि गूगल द्वारा डेवलप किया गया है और कोई भी स्मार्टफोन कम्पनी गूगल के इस ओएस को अपने अनुसार मोडिफाइड या कस्‍टमाइज करने के बाद अपने स्मार्टफोन में उपलब्ध करा सकती है। यानि के यह आम आदमी की पहुंच में है।

वहीं अगर हम आई ओएस की बात करें तो यह ऑपरेटिंग सिस्‍टम ओपन सोर्स नहीं है अर्थात इस ओएस पर केवल 'एप्पल' का आधिपत्य है। अन्य कोई भी ब्रांड इसे प्रयोग नहीं कर सकता। यदि आपको आई ओएस प्रयोग करना है तो आपको अपनी जेब ढीली करके आईफोन खरीदना होगा। जोकि आम आदमी की पहुंच से बाहर है।

इसी प्रकार विंडोज और मैक की तुलना करें तो विंडोज ओएस एक बहुत प्रचलित ऑपरेटिंग सिस्‍टम है, और इसकी कीमत (केवल ऑप्रेटिंग सिस्टम) लगभग 5000 रुपये से शुरू होती है। अगर आप इतना भी खर्च नहीं करना चाहते तो भी आप इसका प्रयोग कर सकते हैं लेकिन बिना खरीदे आपको इसके कुछ फीचर प्रयोग करने हेतु नहीं मिलेंगे और एक छोटा सा ACTIVATE WINDOWS का वाटरमार्क हर समय आपके मॉनीटर पर दिखता रहेगा, इस ऑपरेटिंग सिस्‍टम की शृंखला जैसे एक्सपी, वीन्‍डोज 7, विन्‍डोज 8, और सबसे लेटेस्ट विन्‍डोज 10 को हम 10,000 रुपये या इससे भी नीचे के हार्डवेयर के असेम्बल्ड पीसी में इंस्‍टाल कर सकते हैं। यह भी आम आदमी की पहुंच में है।

विंडोज के ओएस की खास बात यह है कि यह स्पेशल हार्डवेयर पर निर्भर नहीं है। मैक ओएस को चलने के लिए स्पेशल हार्डवेयर की जरूरत होती है क्योंकि एप्पल द्वारा इसको इस तरह इन्कोड किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति आम कम्प्यूटर पर इसका प्रयोग न कर सके । अगर आपको मैक ओएस का प्रयोग करना है तो आपको 1.5 लाख रुपये से ऊपर खर्च करने पड़ेंगे जो कि हर किसी के लिये खर्च करना आसान नहीं है, वहीं विन्‍डोज का प्रयोग करना है तो आपका कम से कम 10 हजार रुपये में काम चल जायेगा। यह आम आदमी की पहुंच में है। 25 हजार रुपये के असेम्बल्ड पीसी और 1.5 लाख रुपये के मैक पीसी में आपको लगभग एक जैसी कॉन्फीगुरेशन मिल जायेगी, जैसे रैम, एचडीउी, प्रोसेसर आदि।

एप्पल के मैक पीसी में डिकोडर चिप लगी होती है जो मैक ओएस को इंस्‍टाल करने की आज्ञा देती है। यदि मैक ओएस को आम पीसी में इंस्‍टाल करने की कोशिश भी की जाये तो हम चाहकर भी ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि आम कम्प्यूटर में मैक ओएस को इन्स्टाल करने की आज्ञा देने वाला डिकोडर नहीं होता।

इसी वजह से मैक विंडोज को पछाड़ पाने में अक्षम है। हम मैक पीसी में विंडोज ओएस तो इंस्‍टाल कर सकते हैं लेकिन नॉर्मल पीसी में मैक ओएस को नही।

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