ऑफलाइन से ऑनलाइन होते डाटा के रखरखाव और इस्तेमाल से हम पर और हमारे जीवन पर प्रभाव

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ऑफलाइन से ऑनलाइन होते डाटा के रखरखाव और इस्तेमाल से हम पर और हमारे जीवन पर प्रभाव

जब से दुनिया मे ऑफलाइन से ऑन लाइन का समय शुरु हुआ है तब दस्तावेजो व जानकारी से जुड़े हर काम आसान और सटिक होते जा रहे है!
पर क्या डिजिटल दुनिया ने वाकैयी हमारा काम आसान कर दिया?
जानते हे कुछ अच्छे व बुरे पहलु-
सकारात्मक पेहलु-
चुटकियो मे काम
कोइ भी दस्तावेज से जुड़ी जानकारी लेनी हो या रूपयो का लेनदेन करना हो कुछ सेकंड्स मे काम हो जाता है !
बेहतर रखरखाव
दस्तावेजो व जानकारियो का रखरखाव अब पेहले से बेहतर और संयोजित हो गया है! मेहत्वपुर्ण दस्तावेजो का गुमना या बोहत से दस्तावेतो को संयोजित रखने मे होने वाली परेशानी अब बोहत कम देखने को मिलती है!
साधन और मेहनत की बचत
जितनी जानकारी होती है उनको बेहतर ढंग से रखने मे काफि साधन और मेहनत लगती है,, इस्तेमाल होने वाले अनगिनत कागज व उनकी सुरक्षा के लिय समय समय पर उन्हे संयोजित करना, देखरेख करना आदि से अब ऑनलाइन होने के कारण छुटकारा मिल गया है! 
सटिक काम 
कोइ भी जानकारी रखनी हो या ढुढनी हो वो तुंरत, सही तरीके से और कभी भी जरूरत की सारी जानकारी प्राप्त होती है! यह जानकारी लम्बे समय तक वेसी की वेसी बनी रहती है!
कम जगह मे जादा काम
डिजिटलाइजेशन से कम स्पेस मे ढेर सारा डाटा आराम से रहता है बिना ज्यादा जगह कवर किये!
नकारात्मक पेहलु -
इलेक्ट्रोनिक कचरे मे बढोतरी
दुनिया जितनी डिजीटल हो रही हे इलेक्ट्रोनिक उत्पादो की सख्या मे उतनी ही बढ़ोतरी हो रही है! बाजार मे एक से एक इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद आते जा रहे है लेकिन इनकी रिसाइकलिंग प्रोसेस बेहद कमजोर है! 
दिन प्रतिदिन इलेक्ट्रॉनिक कचरे मे बढ़ोतरी होती जा रही है!
शरीर मे अवसाद की परेशानी
डिजिटल काम का हिस्सा होने की वजह से हमे शरीर व दिमाग से जुड़ी काफि परेशानी होती जा रही है! डिजिटलाइजेशन मे रेडियेशन की बेहद सक्रिय भुमिका रहती है और इसमे हमारा ज्यादा से ज्यादा बने रहना अनिद्रा, सर दर्द, तनाव, मोटापा यहा तक कैंसर जैसी बीमारी की संभावना पैदा कर रहा है!
जहाँ डिजिटल वहा बिजली
हर डिजीटल काम इलेक्ट्रोनिक उत्पाद से ही संभव है जो या तो बिजली से चलता है या बैटरी से लेकिन मुख्य काम करते वक्त बैटरी खत्म हो जाय या बिजली चली जाय तो! सारा काम धरा का धरा रह जाता है! इसलिये डिजिटलाइजेशन पर ज्यादा निर्भरता बेकार है!
हमे बना रहा है लगातार डल
कही ना कही डिजिटलाइजेश जितना हमारा काम आसान कर रहा है उतना ही हमे डल बनाता जा रहा है! जिस तरह शरीर को मोटापे व आलस्य से बचाने के लिये एक्सरसाइस जरूरी है उसी प्रकार दिमाग को भी एक्सरसाइज की जरूरत होती है कोइ भी चीज याद करने व समझने की बजाय हम ज्यादा से ज्यादा उसे इलेक्ट्रोनिक उत्पाद मे स्टोर करते जा रहे है !
जानकारी एक साथ फैलने का डर
कोइ भी जरूरी जानकारी लीक होने के कारण बोहत कम समय मे हर जगह फैल जाती है! जिसे कवर करना मुश्किल होता है!

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