जानिये लकवा, पैरालाइसिस अटैक के लक्षण और बचने के उपाय

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जानिये लकवा, पैरालाइसिस अटैक के लक्षण और बचने के उपाय

पैरालाइसिस या जिसे हम लकवा कहते है, वो खुद मे एक रोग नही है बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमे हमारा मस्तिष्क थक कर काम करना बंद कर देता है। आयुर्वेद के अनुसार चले तो पैरालिसिस यानि लकवा या पक्षाघात एक वायु रोग है, जिसके प्रभाव से संबंधित अंग की शारीरिक प्रतिक्रियाएं, बोलने और महसूस करने की क्षमता खत्म हो जाती हैं।
लकवा के कई कारण होते है। युवावास्था मे अत्यधिक भोग विलास करना, नशीली चीज़ों का सेवन करना, आलस्य होना यह सभी कारण प्रमुख है। इससे शरीर का स्नायविक तंत्र धीरे धीरे कमजोर होता चला जाता है और उम्र बढ़ने के साथ कभी भी पैरालाइसिस अटैक कर देता है। अगर आप जादा परिश्रम भी करते है तो भी आप को पैरालाइसिस होने के चांस है। दिमागी संतुलन बिगड़ने या अत्यधिक थकावट होने से स्ट्रोक का खतरा बन जाता है।
अगर आपको थोड़ा सा काम करने पर थकावट होने लगती है चाहे वो शारीरिक हो या मानसिक तो समझ लीजिये आपको लकवा मारने वाला है। ऐसे मे तुरंत हर काम को छोड़ कर शरीर को आराम दीजिये। शारीरिक और दिमागी आराम के लिए किसी शांत जगह चले जाये। भोग विलास को त्याग दे। शुद्ध शाकाहारी भोजन अपनाय। ब्रह्मचार्य का प्लान करे। किसी भी तरह के उत्तेजित खाद्य पदार्थ और नशीली चीज़ों का सेवन करना तुरंत रोक दे और हो सके तो योग और किसी अच्छे डॉक्टर का सहारा लें।

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