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सर्वर बंद होने पर सारे काम क्यो रुक जाते है आखिर क्या है सर्वर ?

डिजिटल युग मे सर्वर का वही महत्व है जैसे शरीर के लिये ऑक्सीजन का पूरी दुनिया का अर्थव्यवस्था ऑनलाइन संचार व्यवस्था सभी कुछ डिजिटल माध्यमो पर निर्भर हो चुका है
हम अक्सर किसी काम से किसी कार्यलय बैंक आदि में जाते है तो सुनने को मिलता है कि सर्वर डाउन है काम नही होगा आज पूरी दुनिया मे जानकारियो के आदान प्रदान से लेकर आर्थिक व्यवस्थाओ तक सभी कुछ ऑनलाइन है ऐसे में थोड़ी देर के लिये भी सर्वर बंद हो जाय तो सारे काम रुक जाते है आज मैं सर्वर की मूल जानकारियो को आप के साथ शेयर करूँगा जो आप की वेबसाइट के ऑनलाइन उपस्तिथि के लिये अगला कदम होगा इस से पहले मैंने आप को डोमेन नेम से संबंधित जानकारिया प्रदान की सर्वर को होस्टिंग सर्वर भी कहा जाता है इसे हम अपने वेबसाइट का लॉन्चिग पैड भी कह सकते है
हम अपने वेबसाइट संबंधित डेटा को तीन प्रमुख चरणों से होते हुए चौथे चरण में उपभोक्ता तक पहुंचाते हैं पहला चरण हमारा सिस्टम जिस में हमारे इन्फॉर्मेशन और डेटा मौजूद होता है दूसरा चरण सर्वर हमारे सिस्टम में मौजूद जो डेटा और इन्फॉर्मेशन वेबसाइट में उपलब्ध है जरूरत के अनुसार सर्वर से जोड़ते है तीसरा चरण पोर्टल सर्वर हमारे स्टोर किए हुए डेटा को पोर्टल पर लॉन्च कर देता है चौथा चरण उपभोक्ता के सिस्टम में पहुंच उपभोक्ता संबंधित पोर्टल से अपने पास मौजूदा सिस्टम में इन्फॉर्मेशन और डेटा को प्राप्त करता है ऊपर चित्र द्वारा समझे बड़ी बड़ी कंपनियों का अपना खुद का सर्वर रूम होता जिसके माध्यम से वे कंपनिया अपनी ऑनलाइन गतिविधियों को संचालित करता है अपनी वेबसाइट के लिये हम खुद का सर्वर स्थापित कर सकते है लेकिन इसके लिये 24x7 हफ्ते के सात दिन और चौबीसों घंटे अच्छी बिजली हाई स्पीड इटरनेट मशीन को ठंडा रखने के लिये कूलिंग मशीन आदि की जरूरत पड़ेगी जो छोटे वेबसाइटों के लिये महंगा सौदा साबित होगा बहुत सारे सर्वर स्पेस प्रदान करने वाली कंपनियां है जो अलग अलग कैटगरी में ये सुविधा प्रदान करती है
जिन साइट से हम डोमेन पर्चेजिंग करेंगे उसी साइट पर हम सर्वर स्पेस भी बुक कर सकते है जिस प्रकार हम अपने मोबाइल के लिये डेटा पैक का चुनाव करते है उसी प्रकार सर्वर पैक का भी चुनाव कर सकते है अगर हमारा वेबसाइट नया है तो उस पर ट्रैफिक कम आएगी इसलिये छोटे पैक का ही चुनाव करना बेहतर होगा इस मे नेट पैक से ज्यादा की खर्च नही आएगी हम जितने भी सोशल मीडिया आदि प्लेटफार्म का उपयोग कर रहे है वे सब सर्वर से कनेक्ट है यह हम तीसरे पक्ष के प्लेटफार्म का उपयोग उनकी रजामंदी से अपनी जानकारियो और सूचनाओ के आदान प्रदान के लिये कर रहे है जैसे फेसबुक, ट्यूटर, वाट्सअप आदि ई कॉमर्स साइट जैसे फ्लिपकार्ट, एमोजन, ईबे, शॉपक्लूज आदि ये सब तीसरा पक्ष साइट है जिसका उपयोग हम सूचनाओ और व्यवसाय के लिये भी करते है लेकिन इनकी अनुमति से
ये सारी साइटे अपना खुद का सिस्टम डेवलप किए हुए है हम अपने छोटे व्यवसाय के लिये इन्ही तीसरे पक्ष साइटों का मदद लेते है जिससे हमें इन वेबसाइट लॉन्चिग प्रक्रियाओं से नही गुजरना पड़ता है

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